The Terminal
इस पूरी फ़िल्म का फिल्मांकन उस ढाई मंजिले एयरपोर्ट टर्मिनल में हुआ है जो पूरी तरह संचालित है। निर्देशक स्टीवन स्पीलबर्ग की इस रूमानी कॉमेडी की कहानी विक्टर नावोर्स्की (टॉम हैंक्स) नामक एक पूर्वी यूरोपियन व्यक्ति के इर्द-गिर्द घूमती है। उसकी इच्छा न्यूयॉर्क में जाकर बसने की है और जब उसके देश में हिंसात्मक विद्रोह होता है तो वह अपनी ख्वाहिश को अमलीजामा पहनाने का फ़ैसला करता है। अमेरिका जाते समय बदकिस्मती से वह तकनीकी बारीकियों के चंगुल में फँस जाता है। उसका पासपोर्ट जिस देश ने जारी किया था उसका आधिकारिक दर्जा देश में हुई उथल-पुथल के बाद समाप्त हो गया। इस कारण केनेडी एयरपोर्ट पर पहुँचने के बाद न तो वह एयरपोर्ट से बाहर जा सकता था और न अपने देश वापस आ सकता था। उसे एयरपोर्ट के अन्दर ही रहकर इस समस्या के समाधान का इंतज़ार करना पड़ा। एक ओर एयरपोर्ट अधिकारी फ्रैंक डिक्सन (स्टैनली ट्यूची) विक्टर को मुसीबत की जड़ मानता है वहीँ दूसरी ओर एयरपोर्ट के अन्य कर्मचारी - जिनमें एक खूबसूरत विमान परिचारिका एमिलिया (कैथरीन जीटाजोंस) भी शामिल हैं – उसका स्वागत करते हैं और उसे अपने जैसा ही मानते हैं। उसके इंतज़ार का समय दिनों से बढ़कर महीनों में बदल गया और धीरे-धीरे एयरपोर्ट टर्मिनल का माहौल भी बदलता गया और किसी ऐसे देश के माहौल जैसा हो गया जिसकी अपनी संस्कृति है, महत्वाकांक्षाएं हैं, हैसियातें हैं, पेचीदगी भरी विविधताएं हैं और जो प्यार के लिए तड़पता है। सहायक कलाकारों में डियागो लूना, चि मैकब्राइड, कुमार पलाना, जो सलदाना, एड्डी जोंस, जूड चीकोलेला शामिल हैं।
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