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चिट्ठियां पढ़ने का आदी अभिनय वासुदेव अपनी याददाश्त खोकर ख़ुद को एक हाई-सिक्योरिटी इंट्रोगेशन सेल में पता है। एक रहस्यमय अफ़सर हिप्नोटिक गैजेट से उसकी ज़िंदगी खंगालकर उसके सारे काले कारनामों का राज़ खोलता है।


चिट्ठियां पढ़ने का आदी अभिनय वासुदेव अपनी याददाश्त खोकर ख़ुद को एक हाई-सिक्योरिटी इंट्रोगेशन सेल में पता है। एक रहस्यमय अफ़सर हिप्नोटिक गैजेट से उसकी ज़िंदगी खंगालकर उसके सारे काले कारनामों का राज़ खोलता है।