कालिया
सीधा सरल कल्लू अपने भैय्या की जान बचाने के लिए शाहनी सेठ नामक व्यापारी के घर ५०० रुपय उधार मांगता है। शाहनी सेठ के उधार न देने पर, कल्लू, सेठ की तिजोरी से चोरी करता है। पुलिस कल्लू को गिरफ्तार कर लेती है। न्यायलय से कल्लू को जेल भेज दिया जाता है। जेल में कल्लू मंझे हुए अपराधियों से मिलता है जो उसे भी बिगाड़ देते हें। जेल में कल्लू का फिरसे नामकरण होता है और उसे कालिया नाम दिया जाता है। क्या कालिया अपने भाई की मौत का बदला ले पाएगा?
